ब्लीच या फेशियल लोग अक्सर चेहरे की निखार के लिए ब्लीच या फेशियल का सहारा लेते हैं। लेकिन दोनों में से कौन-सा तरीका ज़्यादा फायदेमंद है सही चुनाव करने से पहले यह जानना ज़रूरी है कि आखिर ब्लीच और फेशियल में फर्क क्या है
ब्लीच

ब्लीच या फेशियल ब्लीचिंग का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह चेहरे पर तुरंत ग्लो लेकर आती है। इसमें मौजूद हाइड्रोजन पेरॉक्साइड और अन्य ब्लीचिंग एजेंट्स चेहरे के अनचाहे बालों को हल्का कर देते हैं और स्किन टोन से मिला देते हैं। इससे चेहरा इंस्टेंट ब्राइट दिखता है
फेशियल
ब्लीच या फेशियल फेशियल त्वचा को गहराई से साफ करता है और लंबे समय तक हेल्दी बनाए रखता है। इसमें क्लींजिंग, एक्सफोलिएशन, मसाज और फेस मास्क जैसे स्टेप्स शामिल होते हैं, जो ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाते हैं और डेड स्किन हटाकर नैचुरल ग्लो लाते हैं।

किसे चुनें
ब्लीच या फेशियल अगर आपको किसी फंक्शन या पार्टी में तुरंत चमक चाहिए तो ब्लीच एक तात्कालिक विकल्प हो सकता है। लेकिन यह ध्यान रखें कि यह संवेदनशील या पिंपल-प्रोन स्किन के लिए सही नहीं है। वहीं, अगर आप लंबे समय तक हेल्दी और ग्लोइंग स्किन चाहते हैं तो हर 4-6 हफ्ते में फेशियल करवाना बेहतर रहेगा।
निष्कर्ष
चेहरे की सुंदरता सिर्फ बाहर से चमकने पर निर्भर नहीं करती बल्कि अंदर से स्वस्थ रहने पर और भी निखरती है। अगर आप लंबे समय तक नैचुरल ग्लो चाहते हैं तो फेशियल सबसे सही विकल्प है। वहीं, ब्लीच को आप सिर्फ इमरजेंसी ब्राइटनेस के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी भी ट्रीटमेंट से पहले अपनी स्किन टाइप को समझें और स्किन एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।