हर कोई चाहता है कि उसकी त्वचा हमेशा जवां और चमकदार दिखे लेकिन सच्चाई यह है कि इनमें से कई प्रोडक्ट्स आपकी त्वचा की मदद करने के बजाय उसे और जल्दी बूढ़ा बना देते हैं। चमक और जवानी की चाहत में लोग इनका इस्तेमाल करते हैं, लेकिन नतीजे में त्वचा और ज़्यादा थकी, रूखी और संवेदनशील दिखने लगती है।
कठोर स्क्रब और एक्सफोलिएटर्स
बाज़ार में मिलने वाले हार्श स्क्रब, खासकर जिनमें बड़े-बड़े कण या क्रश्ड शेल्स होते हैं, आपकी स्किन को साफ करने के बजाय उसे नुकसान पहुंचाते हैं। ये स्किन पर माइक्रो कट्स बना देते हैं जिससे त्वचा की प्राकृतिक बैरियर कमजोर हो जाती है और झुर्रियां जल्दी दिखने लगती हैं।

अल्कोहल-बेस्ड टोनर
टोनर लगाने के बाद अगर आपकी स्किन बहुत टाइट महसूस करती है तो समझ लीजिए कि वो आपकी नमी (हाइड्रेशन) छीन रहा है। अल्कोहल-बेस्ड टोनर त्वचा को ड्राई और बेजान बनाते हैं, जिससे फाइन लाइन्स और झुर्रियां और जल्दी दिखने लगती हैं।
रेटिनॉल का ओवरयूज़
रेटिनॉल सही तरीके से इस्तेमाल हो तो गजब का काम करता है, लेकिन ज्यादा इस्तेमाल करने पर यह त्वचा को जलन, लालपन और पीलिंग तक पहुंचा देता है। लगातार जलन आपकी स्किन को हेल्दी रखने के बजाय उम्रदराज़ दिखाने लगती है।
भारी और ऑयली क्रीम

कुछ महंगी एंटी-एजिंग क्रीम इतनी हैवी होती हैं कि चेहरे पर “परत” सी बना देती हैं। ये देखने में तो स्किन को प्लम्प दिखाती हैं, लेकिन लंबे समय में पोर्स को ब्लॉक कर देती हैं और त्वचा की लोच (elasticity) कम कर देती हैं।
कोलेजन क्रीम का सच
“कोलेजन क्रीम” सुनते ही लोग सोचते हैं कि ये झुर्रियां रोक देगी, लेकिन सच्चाई यह है कि कोलेजन मॉलिक्यूल इतने बड़े होते हैं कि वे त्वचा में प्रवेश ही नहीं कर पाते। असली कोलेजन को बचाने का तरीका है सनस्क्रीन और सही विटामिन C/रेटिनॉल का इस्तेमाल।
पील-ऑफ मास्क
चारकोल या पील-ऑफ मास्क हटाते वक्त जो “साफ” महसूस होता है, वो असल में आपकी स्किन की प्रोटेक्टिव लेयर निकल रही होती है। बार-बार इस्तेमाल करने से त्वचा पतली, संवेदनशील और जल्दी बूढ़ी दिखने लगती है।
फ्रेग्रेंस वाली क्रीम और सीरम
खुशबूदार क्रीम भले ही लग्ज़री का अहसास दें, लेकिन इनमें मौजूद फ्रेग्रेंस अक्सर एलर्जी और जलन का कारण बनते हैं। लंबे समय तक ये स्किन पर ड्राय पैच और एजिंग के लक्षण बढ़ा देते हैं।
हैवी मैट फाउंडेशन
भारी, मैट फाउंडेशन चेहरे की झुर्रियों और लाइन्स को छिपाने के बजाय और ज्यादा हाइलाइट कर देता है। स्किन नेचुरली ग्लो और डाइमेंशन के साथ खूबसूरत लगती है, लेकिन ज्यादा मैट बेस उसे फ्लैट और बूढ़ा दिखाने लगता है।
जल्दी बोटॉक्स और फिलर्स
कम उम्र में बोटॉक्स या फिलर्स लगवाने से स्किन नेचुरल मूवमेंट खो देती है। समय से पहले इस्तेमाल करने पर चेहरा कठोर, असंतुलित और उम्रदराज़ दिखाई देने लगता है।
स्किन-ब्लीचिंग और व्हाइटनिंग क्रीम

कई अनरेग्युलेटेड व्हाइटनिंग प्रोडक्ट्स में मरकरी या स्टेरॉयड्स पाए जाते हैं, जो स्किन ही नहीं, पूरे शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं। ये स्किन को पतला, संवेदनशील और बीमार बना सकते हैं।
एंटी-एजिंग सप्लीमेंट्स और हार्मोन ट्रीटमेंट
बाज़ार में बिकने वाले HGH या हार्मोन-बेस्ड सप्लीमेंट्स को चमत्कारी इलाज बताया जाता है, लेकिन इनसे कैंसर, हार्मोनल इम्बैलेंस और खतरनाक साइड-इफेक्ट्स का खतरा बढ़ जाता है। असली जवां स्किन का राज़ है हेल्दी लाइफस्टाइल – संतुलित आहार, अच्छी नींद और रोज़ाना सनस्क्रीन।
निष्कर्ष
- सनस्क्रीन
- पौष्टिक डाइट
- हाइड्रेशन
- और पॉजिटिव लाइफस्टाइल
यही वो चीज़ें हैं जो समय के साथ आपकी स्किन को खूबसूरत और हेल्दी बनाए रखेंगी।